मोहम्मद वसीम जी छत्तीसगढ़ जिला बलरामपुर विजय नगर से मोबाइल वाणी के माध्यम से मलेरिया रोग के बारे में बताते हैं कि मलेरिया मादा एनोफिल्ज़ मच्छर के काटने से होती है ,मच्छर शरीर में परजीवों को छोड़ते है

छत्तीसगढ़,जसपुर से निकोलास्टिक जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जब ये करीब 14-15 साल के थे तब इन्हें दिखाई पड़ती थी। इनके घर के तीन सदस्य नेत्रहीन है।इन्होंने आँख का ऑपरेसन कराया,उसके बाद इनका आँख का रौशनी चला गया है।

छत्तीसगढ़ से निरंजन जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इनके आँखों में मोतियाबिंद की बीमारी है

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से अनिरेक कुमार सूर्यवंशी जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मलेरिया नामक बीमारी से बचने के लिए हमें अपने आस-पास गंदगी नहीं रखना चाहिए। गढ्ढों में पानी को जमा ना होने दें। जहाँ बहुत दिनों से पानी जमा हो वहां पर मिटटी तेल का छिड़काव करते रहना चाहिए। जिससे वहां पर मच्छर नहीं पनप सकेंगें। हर घर में मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करना चाहिए। जो भी व्यक्ति इसके बारे में ना जानते हो, उसे इसके लक्षण और बचाव के बारे में जरूर बताएं। बहुत सारे लोग , जो मोबाइल का उपयोग नहीं जानते है या अनपढ़ है , उन्हें इसकी जानकारी अवश्य देनी चाहिए।खुद सुरक्षित रहे और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला से विजयनगर ग्राम से मोहम्मद नसीब जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बताया कि मलेरिया नामक बीमारी मादा एनिफेलिस मच्छर के काटने से फैलता है। जो हमारे रक्त में अपने परजीवी को छोड़ देते है। इससे बचने के लिए हमें अपने आस-पास गंदगी नहीं रखना चाहिए। वातावरण को हमेशा स्वच्छ रखना चाहिए।जहाँ बहुत दिनों से पानी जमा हो वहां पर मिट्टी तेल का छिड़काव करते रहना चाहिए। सड़को और गलिओं में कूड़े -कचरे की सफाई करते रहना चाहिए। हर घर में मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करना चाहिए। घरो की खिड़कियों में जाली लगाना चाहिए।घरों में नीम की पत्ती जलानी चाहिए, ताकि मच्छर ना आ सकें। साथ ही अपने दोस्तों और परिवार को भी इसके बारे में बताना चाहिए,जिससे वो भी इससे सुरक्षित रह सकें। ऐसे ही कुछ उपाय अपनाकर हम मलेरिया से बच सकते हैं।

जिला छत्तीसगढ़ से घेराडीह ग्राम से शांति कुमार ने बताया कि मलेरिया बीमारी हमें मच्छर के काटने से शुरू होती है। इसीलिए हमें हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। ताकि हमें मलेरिया बिमारी ना हो सके।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला से विजयनगर ग्राम से मोहम्मद नसीब जी मोबाइल वाणी के माध्यम है कि मादा एनोफिलिस मच्छर के काटने से मलेरिया होता है। जब मच्छर काटते है तब ये हमारे रक्त में उपस्थित प्रतिरक्षित और रोगाणुओं के बिच लड़ाई होती है। जब रोगाणु जीत जाती है तब हमे मलेरिया के लक्षण आने लगते है,जैसे ठण्ड,कंपकपी, तेज बुखार आदि।

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