छत्तीसगढ़ राज्य के राजनन्द गाँव से पारस कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह कहते हैं कि कई जगहों पर दिव्यांगों को पेंशन की सुविधा प्राप्त हो जाती है। लेकिन कुछ जगहों पर दिव्यांगों को पेंशन के बारे में जानकारी भी प्राप्त नहीं हो पाती है। जिसके चलते वह पेंशन की सुविधा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह पेंशन उन दिव्यांग लोगों के लिए है, जो काम के लिए इधर उधर भटक रहे हैं और वह दिव्यांग हैं, जो काम करने में सक्षम हैं उन्हें पेंशन की कोई भी आव्यशकता नहीं है
