भारत में कृषि वास्तविक अर्थों में जीवन रेखा रही है। 70% भारतीय किसान हैं और खेती से ही उनकी आजीविका चलती है ।कृषि देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है।और यहां के किसान अन्नदाता कहे जाते हैं ,फिर भी आज ,ये किसान ही सबसे ज्यादा आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं । इसी कारण राष्ट्रीय किसान संगठन ने किसानों को कृषि उपज का भुगतान नगद राशि में करने की मांग की है।बावजूद इसके पिछले चार माह से मंडियों में कृषि उपज की खरीद के एवज में किसानों को व्यापारियों द्वारा भूगतान चेक के माध्यम से किया जा रहा है।जो किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है और किसान को व्यापारियों द्वारा दिए गए चेक को कैश कराने के लिए दर दर ठोकरें खानी पड़ रही है।साथ ही बहुत से किसानों के साथ धोखाधड़ी का मामला भी सामने आ रहा है।
