बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से ज़ुल्फ़िकार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि समाहरणालय के सभाकक्ष में बुधवार को एईएस समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी प्रणव कुमार की अध्यक्षता में आहूत की गई। बैठक में विभिन्न कोषांगों द्वारा अभी तक किए गए कार्यों की समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश जिलाधिकारी के द्वारा दिया गया। प्रचार- प्रसार जागरूकता कोषांग के द्वारा अभी तक किए गए कार्यों एवं आने वाले दिनों में किए जानेवाले कार्यों के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने कहा कि पूरी तन्मयता एवं गंभीरता के साथ एईएस/ चमकी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर कर्तव्यों का निर्वहन करें। किसी भी स्तर पर इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से ज़ुल्फ़िकार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि 8 मार्च को विश्व सहित हमारे देश में भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा। महिलाओं के बचपन से लेकर उनके मां बनने तक के सफर में कई तरह के बदलाव आते हैं। कई मौकों पर वह परिवार की मुख्य कड़ी में भी शामिल होती हैं, पर शायद यह कम लोगों को पता होगा कि हर तीन में एक महिला मानसिक अवसाद से गुजर रही होती हैं। जिसे कुछ तो सकारात्मक ढंग से अपनाती हैं तो कुछ इसे स्वीकार नहीं कर पाती।
मुजफ्फरपुर : कोरोना को लेकर ग्रामीण इलाकों में लोगों ने जिस तरह की मनगढ़ंत धारणाएं बना ली है, वह पूरे समाज को बीमार कर सकती है। आमजन में जागरूकता को लेकर सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन लोगों की बेपरवाही परेशानी का सबब बन रही है। इस संबंध में मोतीपुर प्रखंड में पाना छपरा गांव के मुखिया मनोज सिंह कहते है कुछ लोग अभी गाँवों में ऐसे भी हैं जिन्हें मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहने पर, वे कोरोना के बढ़ते प्रसार को नकार देते हैं. यद्यपि, सब लोग ऐसे नहीं हैं। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।
मुज़फ़्फ़रपुर : कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर संक्रमण पर रोकथाम के लिए समुदाय के सभी वर्गों की आपसी सहभागिता एवं सहयोग की जरूरत अधिक हो गयी है। इस लिहाज से कोविड-19 आपदा से मानव जीवन की सुरक्षा के लिए धार्मिक संगठनों के धर्मगुरुओं व प्रमुखों को जोड़ कर उनके सहयोग लिये जाने को भी वैश्विक स्तर पर तरजीह दी जा रही है। इस दिशा में यूनिसेफ़ और रिलिजंस फॉर पीस एंड ज्वाइंट लर्निंग इनिशिएटिव ऑन फेथ एंड लोकल कॉम्यूनिटीज के साझेदारी में कोविड 19 से बचाव को लेकर दिशानिर्देशों की एक श्रृखंला जारी की है। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।
मुजफ्फरपुर : जन्म के समय मां का दूध ही बच्चों का आहार होता है। बच्चे के जन्म के समय मां का गाढ़ा पीला दूध भी उनके लिए वरदान साबित होता है। जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। डीसीएम राजकिरण ने कहा जिले की आशा द्वारा भी एक से सात अगस्त तक स्तनपान को प्रोत्साहित करने के साथ शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए मनाया जाएगा। इस बार के विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम स्वस्थ्य ग्रह के लिए स्तनपान का समर्थन करना है, जिसमें नवजातों के माता -पिता को स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए जागरुक किया जाएगा। ऑडियो पर क्लिक कर पूरी जानकारी सुनें।
कोरोना काल में हर कोई परेशानी का सामना कर रहा है. अस्पतालों में ज्यादातर मामले कोरोना से सम्बंधित देखे जा रहे हैं. सभी चिकित्सक भी पूरी निष्ठा के साथ अपने कार्य को संचालित कर रहे हैं. ऐसे समय में गर्भवती महिलाओं को खुद का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. उन्हें नियमित तौर से अच्छा खाना-पीना के साथ-साथ चिकित्सक के फोन द्वारा संपर्क में रहना चाहिए. कोरोना के कारण गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच में कोताही नहीं बरतनी चाहिए. जरूरी सुविधा और साधनों को देखते हुए अस्पताल जाकर उनकी जांच भी करानी चाहिए. इसके साथ ही क्षेत्र की आंगनवाड़ी सेविका और आशा के साथ संपर्क में रहना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की समस्या दिखने पर तुरंत उसे हल किया जा सके. ऑडियो पर क्लिक कर विस्तृत रूप से जरूर सुने यह महत्वपूर्ण जानकारी।श्रोताओं 9278701369 पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद
