बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से ज़ुल्फ़िकार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि चमकी होने के मुख्य कारणों में कुपोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना माना जाता रहा है। मुजफ्फरपुर तथा वैशाली में कुपोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास की डोर अब आयुर्वेद थाम रही है। जिसमें बच्चों को स्वर्णप्राशन करा कर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास किया जाएगा। राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल ,कदमकुआं के प्राचार्य डॉ दिनेश्वर प्रसाद ने कहा कि मुजफ्फरपुर तथा वैशाली के वैसे गांव जहां चमकी से सबसे ज्यादा बच्चे आहत हुए हैं, वह उन गांवों को गोद लेगें और 0 से 10 साल तक के बच्चों को छह माह स्वर्णप्राशन कराया जाएगा।
