बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला से ज़ुल्फ़िकार मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बता रहे हैं,कि सोशल मीडिया पर जानकारियों का खजाना होता है, पर उन्हीं जानकारियों के बीच कुछ अफवाहें ऐसी भी होती हैं जो लोगों के मन में भ्रम पैदा करती हैं। जबकि ऐसे भ्रम या अफवाह का कोई वैज्ञानिक या तार्किक आधार भी नहीं होता। कुछ ऐसा ही भ्रम सेाशल मीडिया के माध्यम से कोरोना वैक्सिन को लेकर फैलाई जा रही है। जिसका खंडन प्रेस इंफोरमेंशन ब्यूरो ने भी किया है। दरअसल सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडिया में कहा जा रहा था कि कोरोना वायरस की वैक्सिन मनुष्यों के डीएनए में ही परिवर्तन कर देगा।कोरोना वैक्सिन का मनुष्यों के डीएनए से किसी भी तरह का कोई सम्बन्ध नहीं है। विश्व स्वास्थ संगठन ने बताया है,कि कोविड टिकाकरण जब तक आम लोगों तक नहीं पहुँचता है तब तक लोगो को विशेष सावधानी की जरुरत है। देश और राज्य में कोविड से सम्बंधित आंकड़े कम हुए है पर ख़त्म नहीं इस लिहाज से भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूररी है जहाँ तक हो सके घर से बहार तभी निकले जब जरुरी काम हो ,नये वर्ष के उत्साह में कहीं भी बहार जाने से पहले सुरक्षात्मक उपायों पर अमल जरूर कर लें।