दुनिया में कितनी बार महामारियां आई हैं, लेकिन हर बार मानव ने उसे मात दी है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका मुश्किलों से सीखी हुई सबक की रही। बीमारी सिर्फ दवा से दूर नहीं हुई, बल्कि इसमें सही सूचना, बेहतर समझ और उचित सामाजिक व्यवहार ने महामारी को मात देने की राह आसान की। पूर्व के शताब्दियों में भी मानव जाति ने महामारियों को हराया है। इस संबंध में एसीएमओ डॉ विनय कुमार शर्मा के मत में भी समानता है। उनका कहना है कि भ्रांतियां, लांछन, भेदभाव, गलत सूचना और समझ से कभी भी महामारी से जंग नहीं जीती जा सकती। उल्टे यह उसकी विभीषिका को उसी तरह बढ़ा देता , जिस तरह आग पर घी रखने पर वह और धधक उठता है।
