बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि घृणा रोग से हो सकती है, लेकिन रोगी से नहीं। टीबी को लेकर समाज में जो भ्रांतियां हैं, वह एक व्यक्ति के समाज में सम्मानपूर्वक जीने के अधिकार पर गहरा चोट करती हैं। जरा सोचिए उस इंसान पर क्या बीतती होगी, जब अचानक से लोग घर आना-जाना छोड़ दे, साथ उठने-बैठने वाले दोस्त कन्नी काटने लगे। पल-पल हीन भावनाओं के साये में जीने के दर्द को झेला है मुजफ्फरपुर के दिवाकर कुमार ने। इतना दर्द सहने के बाद भी दिवाकर ने हिम्मत नही हारी उन्होंने समाज की सोच को ही बदल देने ठानी। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें और मोबाइल वाणी के टोल फ्री नंबर 8800458666 पर भी सुनें।
