• स्तनपान कराने से नहीं होता शिशुओं में कोरोना का खतरा • जन्म के पहले 2 घंटों तक शिशु होते हैं अधिक सक्रिय • शुरूआती स्तनपान से शिशु के रोग प्रतिरोधक क्षमता का होता है विकास नवजात शिशुओं को जन्म लेने के एक घण्टे के भीतर स्तनपान कराना जरूरी होता है. शिशु जन्म से पहले से ही प्राकृतिक रूप से स्तनपान करने में सक्षम होते हैं. इसलिए जन्म के शुरुआती 1 घण्टे के अंदर उन्हें स्तनपान कराने की सलाह दी जाती है. इससे शिशुओं में सक्रिय रूप से स्तनपान करने की क्षमता का विकास होता है. कोरोना संक्रमण के कारण बहुत से लोग ऐसा नहीं कराना चाहते जो बिल्कुल गलत है. शुरुआत के स्तनपान से ही शिशुओं के रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है. इसलिए इस संक्रमण के दौर में भी जरूरी साफ सफाई का ध्यान रखते हुए शिशु को पहले 1 घण्टे में स्तनपान जरूर कराना चाहिए. ऑडियो पर क्लिक कर सुनें विस्तृत जानकारी।
