मुजफ्फरपुर। 17 जुलाई : कोरोना संक्रमण ने लोगों की कार्यशैली को बदल कर रख दिया गया है। संक्रमण के आक्रामक रवैये को देखते हुए लोगों ने घरों से काम करना ही उचित समझा। इन सब के बीच कुछ लोग एसे भी थे जिनकी दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं दिखा वरन उन्होंने काम के प्रति अपनी चपलता को और बढ़ा दिया। पहले से ज्यादा लोगों से मिलना, कोरोना से बचने के लिए लोगों को सुझाव देना, प्रवासियों को खोज कर उन्हें आइसोलेशन तक ले जाना जैसे महत्वपूर्ण काम किया। तभी तो उन्हें स्वास्थ्य का प्रथम सिपाही कहा जाता है। ऐसी ही एक स्वास्थ्य की सिपाही का नाम है सुनीता। वह जिले के पश्चिमी सेरुकाही में कार्यरत हैं जो आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 93 और वार्ड संख्या 15 में आता है। 2005 से सुनीता आशा के रुप में कार्यरत हैं।अधिक जानकारी ऑडियो सुनें।