मुज़फ़्फ़रपुर / 8 जुलाई: विगत 4 महीनों से लोगों के मन में कोरोना को लेकर असुरक्षा की भावना में अधिक बढ़ोतरी हुयी है। ऐसा नहीं है कि पहले कोई महामारी नहीं थी। प्लेग, हैजा,स्पेनिश फ्लू, एशियाई फ्लू, सार्स (SARS), मर्स (MERS) एवं इ-बोला (Ebola) जैसी महामारी ने पूर्व में भी वैश्विक स्तर पर लोगों को प्रभावित किया है। लेकिन कोविड-19 की महामारी बिल्कुल अलग पैमाने पर है। इसने पूरी दुनिया में दहशत पैदा कर दी है। वैश्विक स्तर पर निरंतर किये जा रहे प्रयासों के बाद भी कोविड-19 का सटीक उपचार उपलब्ध नहीं होने से लोगों के मन में निरंतर डर की भावना बढ़ रही है, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य गंभीर रूप से बाधित हो रहा है। इसको लेकर मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य करने वाली संस्था निमहांस( नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज, बैंगलोर) ने कोरोना संक्रमण काल में लोगों के बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की दिशा में समुदाय के सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए मार्गदर्शिका जारी की है। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो सुनें।
