बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि जागरूकता अमूमन कई समस्यों से निदान का रास्ता साबित होता है. कुढ़नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने भी एईएस(एक्यूट इन्सेफ़लाईटिस सिंड्रोम) के लिए इसी जागरुकता को अपना हथियार बनाया। नतीजा यह हुआ कि इस वर्ष मात्र 3 बच्चे ही कुढनी प्रखंड में एईएस से पीड़ित हुए। उन बच्चों के अभिभावकों ने भी जागरुक रह कर ही बच्चों को सही समय पर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच सकी. समुदाय को एईएस पर जागरूक करने में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ कई विभागों ने कोरोना संक्रमण काल में भी सराहनीय कार्य किया है
