‌‌‌लॉकडाउन में भी प्रभारी ने अस्पताल में कैम्प कर सम्भाला एईएस को - एचएससी व एपीएचसी बंद रहने के बाद भी आशा की सक्रीयता ने बच्चों की बचाई जान - पीएचसी का स्पेशल वार्ड व तीन ऐम्बुलेंस दिन - रात दिन करता रहा काम मुजफ्फरपुर। 26 जून : मड़वन का मनेजमेंट इस बार कई मायनों में अलग रहा जिससे एईएस का केस यहां अभी तक नहीं है। कोरोना माहामारी को लेकर लॉक डाउन में भी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने अस्पताल में ही कैम्प कर एईएस को सम्भाल लिया। बताया जाता है कि पिछले साल जब कभी एईएस का केस आता था तो प्राथमिक उपचार के बाद वह रेफर हो जाता था, पर लॉक डाउन के कारण कोविड में सारा छुट्टी रद्द रहने से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. के. डी रजक अस्पताल के सामने ही डेरा ले लिया। रात्रि में भी एईएस को लेकर अस्पताल में ही सोते थे। जैसे ही कोई केस आता था कि एलर्ट होकर पहले अपनी उपस्थिति में हीमोग्लोबीन लेवल देखते ही चिकित्सा शुरू कर देतें। ऐसे में सौ में नब्बे फिसदी केस को स्वयं ही मेहनत कर क्योर कर दिया। इस बार यह भी देखने को मिला कि लॉक डाउन में एचएससी व एपीएचसी बंद रहने के बाद भी आशा की सक्रीयता ज्यादा रही। प्रभारी के 24 घंटा अस्पताल पर रहने से पीएचसी का स्पेशल वार्ड व तीन ऐम्बुलेंस दिन - रात कार्य करता रहा।