एईएस को पहचान तत्परता से बचा ली बच्चों की जान -सामुदायिक स्तर पर आई जागरुकता बन रही बड़ा हथियार -लोग खुद भी रख रहे बच्चों का ध्यान और दूसरों को भी कर रहे प्रेरित मुजफ्फरपुर : चमकी बुखार में जरा सी भी देरी बच्चे की जान ले सकती है, यह बात अब सब समझने लगे हैं। लोगों की इसी समझ और तत्परता ने उनके घर का चिराग बुझने से बचा लिया। ऐसे बच्चों के मां-बाप उस मंजर को याद कर भावुक हो जाते हैं, जब वे अपने बेहोश बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे थे। समय पर इलाज के कारण बच्चा तो बच गया, लेकिन उस दिन की चर्चा मात्र से वे थोड़ी देर के लिए असहज हो जाते हैं। एईएस से ठीक हुए बच्चों की कहानी एईएस यानी चमकी बुखार के प्रति जरूरी जागरूकता एवं रोग की भयावहता को दिखाती है। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो सुनें और टॉल फ्री नंबर 8800458666 पर कॉल करके सुन सकते हैं।
