विषम परिस्थितियों में भी लोगों को कर रही जागरुक आशा मुजफ्फरपुर : ढलती उम्र, पर हौसला किसी नवयुयक से कम नहीं। काम में किसी तरह की कोताही भी इन्हें बर्दाश्त नहीं। मामला अपने क्षेत्र के बच्चों के भविष्य का जो है। ये बात हो रही है पानापुर हवेली स्वास्थ्य उपकेंद्र की एएनएम आशा कुमारी की. 58 की उम्र में भी एईएस पर लोगों को ऐसे जागरुक करती हैं जैसे किसी को नई जिम्मेवारी मिली हो। आशा हर दिन अपनी जिम्मेवारी को कुछ ऐसे निभाती हों जैसे वह उसका पहला दिन हो। प्रतिदिन नये मुहल्ले और नये लोगों को जानकारी और चमकी पर जागरुक करना उनको अच्छा लगता है। बकौल आशा कहती हैं कि ऐसे तो वह पूरे वर्ष चमकी पर पिछले 10 साल से भी ज्यादा समय से लोगों को जागरुक कर रहीं हैं। पर पिछले वर्ष उनके क्षेत्र की दो मौतों ने उनको अंदर तक झकझेार दिया। इस बार इनकी जागरुकता का नतीजा है कि इनके पानापुर हवेली से एक भी एईएस का केस नहीं आया है। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो सुनें।