कर्मठता एवं समर्पण से किया चमकी बुखार पर नियंत्रण - सप्ताह में दो दिन करती हैं सामुदायिक बैठक - इस वर्ष जागरुकता के कारण नहीं आया है एईएस का कोई केस मुजफ्फरपुर : चमकी ने अपने पांव पसारने शुरु कर दिए हैं। इस लिहाज से इस बार स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन भी पूरी तन्मयता के साथ एईएस के प्रति लोगों को जागरुक कर रहा है। इन सभी जागरुकता अभियान को सफल बनाने में जो अपनी अहम भूमिका निभाती हैं वे एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी सेविका होती हैं। यह लोगों के घरों में जाकर उन्हें जागरुक करती हैं। ऐसे ही एक स्वास्थ्य की सिपाही हैं जिले के मोतीपुर प्रखंड के नरियार प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र की एएनएम नीलम देवी। नीलम विगत 12 वर्षों से इस क्षेत्र में जागरुकता अभियान को लीड कर रही हैं। इनके अनुभव और मेहनत का नतीजा ही है कि एईएस के लिए अतिसंवेदनशील होते हुए भी इनके क्षेत्र में अभी तक कोई केस नहीं आया है। उन्होंने अपने पोषण एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में सघन जागरूकता अभियान चलाया है तथा आशा कर्मियों की मदद से समुदाय को इस महामारी से बचाव तथा नियंत्रण पर जागृत किया है।