मणिपुर में नफरत की भीड़ द्वारा आदिवासी महिलाओं पर यौन हमले के खिलाफ भाकपा माले इंकलाबी नौजवान सभा एपवा के द्वारा राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत हिलसा में प्रतिवाद मार्च निकाला इस प्रतिवाद मार्च का नेतृत्व भाकपा माले के जिला सचिव सुरेंद्र राम हिलसा भाकपा माले के प्रखंड सचिव अरुण यादव इंकलाबी नौजवान सभा के प्रखंड सचिव ब्रह्मदेव प्रसाद बिंद संयुक्त रूप से कर रहे थे यह मार्च भाकपा माले हिलसा कार्यालय काजी बाजार से निकलकर कलियस्थान वरुण ताल सिनेमा मोड़ से होते हुए योगीपुर मोड़ पर पहुंचा इस मार्च में शामिल लोग नफरत की राजनीति नहीं चलेगी। मणिपुर में यौन हिंसा में शामिल अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करो। मणिपुर घटना का जवाब दे मुख्यमंत्री ए एन वीरेन सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा दो। बलात्कारियों का संरक्षक भाजपा सरकार मुर्दाबाद। आक्रोषपूर्ण नारे लगा रहे थे योगीपुर मोड़ पर पहुंचकर सभा में बदल गई सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव सुरेंद्र राम ने कहा कि मणिपुर जल रहा है और प्रधानमंत्री और गृह मंत्री मणिपुर का सुध बुध भी लेने नहीं गए यह इनकी जनता के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। और दूसरी ओर विदेश यात्रा करने में मशगूल है रोम जब जल रहा था तब नीरो बांसुरी बजा रहा था इतिहास और देश की जनता इसे याद रखेगी और आने वाले लोकसभा चुनाव में जनता इसका पुरजोर जवाब देगी इस सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले हिलसा के सचिव अरुण यादव ने कहा की भाजपा सरकार की दो पहचानो को जनता देख रही है एक और भाजपा प्राकृतिक संपदा सरकारी संस्थाएं बड़े कॉर्पोरेट ओके हाथ नीलाम कर रही है तो दूसरी ओर मोदी जी का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा एक भद्दा मजाक बन गया है आज देश के अंदर महिला उत्पीड़न महिलाओं का बलात्कार और सबसे बड़ी बात उन बलात्कारियों का संरक्षण देने वाली यह सरकार उभर कर सामने आई है चाहे महिला पहलवानों को बलात्कार का मामला हो या बिलकिस बानो का बलात्कारियों से न्याय का मामला हो भाजपा सरकार उन बलात्कारियों को संरक्षण और बचाव कर रही है। इस देश की अंदर यह घटनाएं पूरे देश को शर्मसार कर रही है और मणिपुर का घटना जो महिलाओं को भीड़ के द्वारा नंगा घुमाना बलात्कार करना और यह कर्म मणिपुर में लगातार जारी रहना इसका सीधा जवाब देह मणिपुर का मुख्यमंत्री ए एन वीरेंन सिंह तथा देश का गृह मंत्री अमित शाह है उन दोनों को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए तथा इस घटना का तत्काल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नारीवादी वकीलों के द्वारा इसकी जांच होनी चाहिए इस देश के अंदर बढ़ रहे नफरत की राजनीति और बढ़ते यौन हिंसा के खिलाफ छात्र मजदूरों किसानों और महिलाओं एकजुट होकर बड़े जन आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है और आने वाले लोकसभा चुनाव में ऐसे अन्याय सरकार को उखाड़ फेंकने की जरूरत है। इसके अलावा शिव शंकर जी चुन्नू चंद्रवंशी राजेंद्र दास संतोष पासवान दिनेश यादव डॉ विनय कुमार संतोष राम डॉ सुरेंद्र राव ए पवन नेत्री रिंकू कुमारी राजेश रविदास क्रांति प्रकाश भीम भीम विक्की जयसवाल द्वारिका धर्मवीर पासवान बालेश्वर रविदास अशोक रविदास श्याम किशोर प्रसाद ने भी संबोधित किया
