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झारखण्ड राज्य, पलामू जिला से शंकर पाल साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं, पंचायत चुनाव को अब आरक्षण मुक्त कर देना चाहिए। क्यूंकि आरक्षण होने के कारण ऐसे लोग भी चुना का आते हैं जिन्हें सरकारी फंड, उसे इस्तेमाल करने आदि की भी जानकारी नहीं होती है. ऐसी परिस्तिथि में ऐसे उम्मीदवार जो की दूसरे जाती से हैं और वो सम्माज के लिए काम कर सकते हैं उन्हें मौक़ा ही नहीं मिलता है.

दिल्ली के गुरुग्राम रोड से नंदकिशोर साझा मंच के माध्यम से जानकारी दे रहें हैं, आज जहां अधिकतर लोग अपने कामों के लिए ऑनलाइन मनी ट्रांसफर कर रहें हैं तो वहीँ एक बड़ा तब्क़ा ऐसे लोगों का है जो आज भी डिजिटल दुनिया से अज्ञात है तथा अपने कामों जैसे की पैसे निकालने/ जमा करवाने के लिए आदि के लिए ट्रांसफर की दुकानों पे ही निर्भर हैं.

हमारे श्रोता ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बाल मज़दूरी बहुत पहले से चला आ रहा है। बाल मज़दूरी का मुख्य कारण अशिक्षा व बड़ा परिवार है। सदस्य बढ़ने के कारण भरण पोषण के लिए बाल मज़दूरी भी बढ़ जाती है।लोग केवल बाल मज़दूरी के लिए बिमारियों का बहाना बनाते है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें इनके विचार..

हरियाणा राज्य के झज्जर ज़िला बहादुरगढ़ से सतरोहन लाल कश्यप ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि शिक्षा ,अज्ञानता एक बहुत बड़ा अभिशाप है। उन्होंने के महिला श्रमिक के बारे में बात करते हुए कहा कि महिला कंपनी के कार्य कर जब घर लौटती है तो उसका पति अज्ञानता में नशे की हालात में उसे बहुत परेशान करता है। इन लोगों को समझा कर उन्हें सही दिशा दिखाना हमारा दायित्व बनता है।