दिल्ली एनसीआर के मानेसर से मनीष की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से शौरभ से हुई। शौरभ बताते है कि नदियों को दूषित नहीं करना चाहिए। लोगों द्वारा भी नदियों को दूषित किया जाता है ,जानवरों को शव को फेंक कर और कंपनी द्वारा भी केमिकल्स को नदी में डाला जाता है। इन कारणों से नदी का पानी दूषित होता है।