दिल्ली ईस्ट लक्ष्मीनगर से राजकुमार अरोरा ने श्रमिक वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को आज भी पानी के लिए तीन से चार घंटे परिश्रम करतीं हैं। हमारे देश में संसाधनों की कमी है और बुनियादी सुविधाओं के लिए महिलाओं को कुर्बानियाँ देनी पड़ती है। साथ ही संसाधनों का दुरुपोग भी किया जाता है। यदि इन्हे बचाया जाए तो लोगों की जिंदगी सवार सकती है