दिल्ली से राज्येश कुमार पाठक एक स्टूडेंट सूरज प्रजापति से साझा मंच के माध्यम से बात कर रहें हैं, सूरज का कहना है की सरकार ने लड़कियों की शादी की उम्र में जो परिवर्तन किया है उस सम्बन्ध में सबसे पहले माता पिता को जागरूक होने की आवशक्ता है. क्यूंकि देखा जाता है की माता पिता तो लड़कों को पढ़ाने के लिए खेत तक बेच देते हैं और लड़कियों को कहा जाता है की तुम्हें पढ़ने की क्या ज़रूरत है. तो ऐसे में माता पिता को जागरूक करने की ज़रूरत है की लड़कियों को शिक्षित करें ताकि वो अपनी ज़िम्मेदारियों को अच्छे से निभा सकें।
