दिल्ली के बुराड़ी से राजेश कुमार पाठक ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से मोबाइल वाणी पर चलाये गए कार्यक्रम मेरा मुखिया कैसा हो के तहत कहते है कि करोड़ों मुखिया को उनके कार्य के विषय में ठीक से कोई भी जानकारी नहीं होती है। सीट आरक्षित होने के कारण वे मुखिया चुनाव में खड़े तो हो जाते हैं लेकिन अपना सारा कार्य अन्य अधिकारीयों के भरोसे छोड़ देते हैं