बुराड़ी, दिल्ली से महेश कुमार स्वामी साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि कोरोना-संक्रमण के इस दौर में पैसा न होने की स्थिति में मज़दूर क्या खाएँगे, कैसे अपना इलाज कराएँगे? इसलिए फ़ैक्ट्री-मालिकों द्वारा उन्हें वेतन न दिए जाने से वे कोरोना से पहले अन्य कठिनाईयों से अधिक परेशान हो जाएँगे और उनके कदम ग़लत रास्ते पर भी बढ़ सकते हैं। इसलिए इस स्थिति में मज़दूर और फ़ैक्ट्री-मालिक, दोनों को मिलकर बीच का रास्ता निकालना चाहिए।
