*सहारा पीड़ित निवेशकों को एक माह में मिले जमाराशि - केशरी* (निवेशकों को पुनर्निवेश नहीं पेमेंट चाहिए) सहारा निवेशकों को पुनर्निवेश नहीं बल्कि उनकी जमा परिपक्वताराशि अविलंब मिल जानी चाहिए नहीं तो जमाकर्ताओं के आक्रोश को संभालना मुश्किल हो जाएगा जिसकी सारी जिम्मेदारी सहारा प्रबंधन की होगी। उपर्युक्त बातें सहारा पीड़ित निवेशक मंच के अध्यक्ष संजय केशरी ने शहीद स्मारक के समक्ष आयोजित सहारा निवेशकों के धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा। श्री केशरी ने कहा कि सहारा-सेबी विवाद के मकड़जाल में फंसकर निवेशक तबाह हो चुके हैं इसलिए अब और अधिक देरी नहीं करते हुए एक माह में परिपक्वता राशि मिल जानी चाहिए। श्री केशरी ने सहारा समूह के "पेमेंट के बदले पुनर्निवेश नीति" पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि निवेशकों को हर हाल में नकद भुगतान चाहिए। प्रसिद्ध व्यवसाई दीपक जालान ने कहा कि एम्बार्गो हटाते हुए सहारा की परिसम्पतियों को बेचकर जल्द से जल्द भुगतान किया जाय। सुनील कुमार सिंह, सत्यनारायण साह एवं सखीचंद यादव ने कहा कि अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम, 2019 एवं बीपीआईडी एक्ट, 2002 के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाए। संयुक्ता कुमारी,किरण देवी, एवं बीणा देवी ने कहा कि हम अपने ही पैसा नहीं मिलने के कारण बेटी की शादी नहीं कर पा रहे हैं। धरना की समाप्ति पर प्रदर्शन करते हुए निवेशक नारे लगाते हुए डीएम कार्यालय गये जहां डीएम की सलाह पर एसडीसी बैंकिंग सुश्री बैजयंती ने शिष्टमंडल से वार्ता करते हुए जिला प्रशासन के स्तर पर समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। धरना-प्रदर्शन में वरीय समाजसेवी अजय प्रसाद सिंह, राजीव शर्मा, मो० जाहिद, मो० तनवीर अख्तर, श्रवण प्रसाद, विजय मोदी, पांडव कुमार निराला, नरेश कुमार शर्मा, हेमंत जायसवाल, विवेक कुमार, अभिषेक आनंद, बबलु गुप्ता, चन्दन गुप्ता, बिनोद सिन्हा, सुधा कुमारी, गीता विश्वकर्मा, विनिता कुमारी, सीता देवी, रुक्मिणी देवी, इन्दु देवी, ललन सिन्हा, देवेन्द्र कौशल एवं राजेश मंडल सहित अनेकों निवेशक शामिल थे।