*हरिमोहन सिंह पारा एथलेटिक्स टेकनिकल ऑफिशियल ट्रेंनिग में शामिल हुए*। आज पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया की इकाई बिहार पारा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के द्वारा दिव्यांग स्पोर्ट्स कोचेज, टेकनिकल, ऑफिशियल, फिजिकल एजुकेशन टीचर, सीनियर एथलीट्स एंड स्पोर्ट्स मेन के लिए 5 दिवसीय पारा एथलेटिक्स टेकनिकल ऑफिशियल कोर्स लेवल वन का आयोजन ऑनलाइन किया गया। इस प्रोग्राम में मुंगेर जिला पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव व सीनियर राष्ट्रीय खिलाड़ी हरिमोहन सिंह शामिल हुए । उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम में मुख्य अतिथि के रूप में पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेट्री गुरुशरण सिंह , पीसीआई चेयरमैन सत्यनारायण , क्लासफिकेशन एंड सेलेक्शन कमिटी इंडिया के चेयरमैन डॉ 0 शिवाजी कुमार शामिल हुए। प्रोग्राम का संचालन बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के स्पोर्ट्स डायरेक्टर संदीप कुमार कर रहे थे। पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन सत्यनारायण ने सबों को पैरालंपिक खेल एवं पैरालंपिक कमिटी किस प्रकार से कार्य करती है इसकी जानकारी दिए। पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेट्री गुरुशरण सिंह ने अन्तर्राष्ट्रीय पैरालंपिक खेल पैरा ओलंपिक्स , एशियन , कॉमनवेल्थ , राष्ट्रमंडल , वर्ल्ड गेम एवं अन्य अन्तर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप एवं उसमें कैसे शामिल हो सकते हैं इसकी जानकारी विस्तार से दिए।क्लासफिकेशन एंड सेलेक्शन कमिटी इंडिया के चेयरमैन डॉ 0 शिवाजी कुमार ने सभी दिव्यांग एथलीट के कैटेगरी , खेल आयोजन एवं उनको सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के दिव्यांग स्पोर्ट्स आयोजन का अनुभव भी शेयर किए। वहीं बिहार पारा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के स्पोर्ट्स डायरेक्टर संदीप कुमार ने दिव्यांग स्पोर्ट्स से ग्राउंड एंड ट्रैक से जुड़ी हुई महत्पूर्ण जानकारी दी एवं उनके ट्रेनिंग के बारे में बताया। ज्ञात हो कि हरिमोहन सिंह स्पेशल ओलंपिक भारत के कोच , सेरेब्रल पाल्सी खेल में नेशनल ऑफिशियल की भूमिका निभा चुके हैं , और वर्तमान में मुंगेर जिला खो-खो संघ के सेक्रेट्री , जनकल्याण शिवशक्ति हरिमोहन फाउंडेशन, जंप रोप एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव , बैटल डांस स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव के रूप में कई सारे स्पोर्ट्स संगठन से जुड़कर पिछले सात सालों से निस्वार्थ भाव से जिला व प्रदेश में सामान्य, दिव्यांग व महिला खेल व खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं , और इसका परिणाम स्वरूप आज गांव के दर्जनों बच्चे अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर जिला व प्रदेश का नाम मेडल जीत कर गौरवान्वित कर रहे हैं।
