कालाजार मुक्त समाज निर्माण के लक्ष्य पूर्ति को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है। इसको लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरियारपुर द्वारा 23 दिसंबर 2021 से 10 जनवरी 2022 तक विशेष रूप से रोगी खोज अभियान चलाया जा रहा है। उक्त बातों की जानकारी बैसा वीबीडी आशीष कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि कालाजार मरीज खोजी अभियान के तहत घर घर जाकर इसके रोगी की खोज की जाएगी।विभाग ने टीम गठित किया है जिसमें आशा एवं आशा फेसीलिटेटर शामिल हैं। आशा कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देकर कालाजार के मरीजों की खोज करेंगी। लोगों को जागरूक करने के लिए पीएचसी बरियारपुर द्वारा इलाके में माइकिंग कराई जा रही हैं।उन्होंने बताया कि 15 या 15 दिनों से अधिक बुखार से पीड़ित व्यक्ति जिन्होंने बुखार के दौरान मलेरिया की दवा तथा एंटीबायोटिक का सेवन किया हो फिर भी बुखार ठीक ना हुआ हो।इसके साथ-साथ भूख में कमी, वजन का घटना, थकान महसूस होना, पेट का बढ़ जाना आदि कालाजार के लक्षण के रूप में दिखाई देने लगते हैं।ऐसे व्यक्ति को तुरंत पीएचसी में आकर अपनी जांच करवानी चाहिए। ठीक होने के बाद भी कुछ व्यक्ति के शरीर पर चकता या दाग होने लगता है। ऐसे व्यक्तियों को भी पीएचसी में आकर अपनी जांच करानी चाहिए। कालाजार से पीड़ित रोगी को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में बीमार व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा 6600 रुपए और केंद्र सरकार द्वारा 500 रुपए दिए जाते हैं। यह राशि कालाजार संक्रमित व्यक्ति को संक्रमण के समय में दिया जाता है। वहीं चमड़ी से जुड़े कालाजार संक्रमित रोगी को केंद्र सरकार की तरफ से 4000 रुपये दिए जाते हैं।