पूर्व मंत्री स्वर्गीय राम लखन महतो की 74वीं जयंती पर देश भर में 74 आम के पेड़ लगाए गए, हीरो राजन कुमार भी वृक्षारोपण मुहिम में हुए शामिल मुम्बई में महान हस्ती स्वर्गीय राम लखन महतो का जन्मदिन अनोखे ढंग से मनाया चार्ली चैप्लिन द्वितीय ने बिहार में समस्तीपुर जिला के दलसिंह सराय से एमएलए और पूर्व मंत्री स्वर्गीय राम लखन महतो की जयंती सरकार द्वारा जारी कोरोना नियमों का पालन करते हुए ऑनलाइन ज़ूम मीटिंग के माध्यम से आज 27 जून की शाम को मनाई गई। मुम्बई में हीरो राजन कुमार ने उस महान हस्ती का जन्मदिन अनोखे अंदाज में सेलेब्रेट किया, जिनका सादगी भरा जीवन नई पीढ़ी के लिए अनुकरणीय है। मुम्बई के गोरेगांव में राम लखन महतो का बड़ा पोस्टर लगा कर और एक शानदार केक काटकर उनका जन्मदिन सेलेब्रेट किया गया जिसपर उनकी तस्वीर थी। स्वर्गिय राम लखन महतो की जयंती के अवसर पर वृक्षारोपण कार्य भी सम्पन्न हुआ। मुम्बई में भी हीरो राजन कुमार ने आम का एक पेड़ लगाया। उनकी 74वीं जयंती के अवसर पर पूरे भारत में 74 आम के पेड़ लगाए गए हैं जो अपने आप मे एक रिकॉर्ड है। चार्ली चैप्लिन द्वितीय राजन कुमार ने बताया कि स्वर्गीय राम लखन महतो न सिर्फ एक मंत्री थे बल्कि वह सोशल वर्कर भी थे। उन्हें फिल्मों से भी गहरा लगाव था। फिल्मों से जो उन्हें विशेष लगाव था उसी वजह से राजन कुमार खुद को रोक नहीं पाए और इस मुहिम में शामिल हुए। आपको बता दें कि राजन कुमार राम लखन महतो से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। जब उनके पुत्र प्रशांत कुमार पंकज ने मिसेज बिझार ब्यूटी कंटेस्ट का आयोजन किया था तो राजन कुमार ने चार्ली चैप्लिन बनकर वहां लोगों का खूब मनोरंजन किया था। राजन कुमार उन लम्हों को याद करते हुए कहते हैं कि राम लखन महतो जी बड़े ही नेक इंसान थे। उनके चेहरे पर एक प्यारी सी हंसी हमेशा चमकती रहती थी। वह जनप्रिय नेता थे जब उनका देहांत हुआ था तो लाखों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। इस अवसर पर हीरो राजन कुमार ने बिहार सरकार से यह मांग भी की कि स्वर्गीय राम लखन महतो जैसे जनप्रिय नेता, समाज सेवक के नाम पर समस्तीपुर जिला के दलसिंह सराय के किसी रास्ते का नाम रखा जाए, जहां के वह विधायक भी थे। राम लखन महतो राजन कुमार को एक हीरो के रूप में हमेशा हिम्मत देते रहे। उन्होंने राजन कुमार की फिल्में देखी थीं और उनके काम को सराहते रहे। फ़िल्म नमस्ते बिहार की उन्होंने काफी तारीफ की थी और एक अभिभावक की तरह उन्होंने राजन कुमार को हमेशा कीमती सलाह देते रहे। राजन कुमार की रिक्वेस्ट पर वह फ़िल्म का हिस्सा भी बनने वाले थे मगर इस बीच उनका देहांत हो गया और उनके साथ काम करने का राजन कुमार का सपना अधुरा रह गया लेकिन वह हमेशा उनका आशीर्वाद महसूस करते हैं और चाहते हैं कि लोग ऐसी शख्सियत से प्रेरणा लें। आपको बता दें कि इस साल आर एल महतो बी एड कॉलेज के प्रांगण सहित बिहार राज्य के सभी जिलों एवं समस्तीपुर जिला के सभी 381 पंचायतों एवं मुम्बई सहित विदेशों में भी स्वर्गीय राम लखन महतो की जयन्ती सरकार द्वारा कोविड नियमों का पालन करते हुए ऑनलाइन ZOOM मीटिंग के माध्यम से मनायी गई। कई अलग अलग देशों में भी आज शाम को ज़ूम मीटिंग जॉइन करके बेशुमार लोगों ने उस महान नेता को याद किया जिन्होंने बहुत साधारण सी जगह से निकल कर असाधारण काम किए। वह मंत्री बने और उसके बाद जनमानस के नेता हुए। उनके पुत्र और आर एल महतो इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के निदेशक प्रशांत कुमार पंकज ने बताया कि इस अवसर पर सभी समारोह स्थल पर एक ही समय में एक एक फलदार आम का पौधा लगा कर केक काटा गया। पिता जी गरीब, असहाय एवं निर्धनों के नेता थे, उनका सादगी भरा जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।" हीरो राजन कुमार ने कहा कि जब राम लखन महतो का देहांत हुआ तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पूर्व मंत्री के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। राजन कुमार ने आगे कहा कि रामलखन महतो जी एक कुशल लीडर होने के साथ साथ मानवसेवा का भाव रखने वाले समाजसेवी भी थे। उनके देहांत से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय नुकसान हुआ है। राजन कुमार ने बताया कि सबसे अच्छी बात यह है कि महान पिता के महान पुत्र हैं उनके बेटे प्रशांत कुमार पंकज और सुशांत कुमार, जो उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।