*खनन विभाग एवं वन विभाग की मिलीभगत से गंगा नदी के प्रतिबंधित बालू का उपयोग कर बनाया जा रहा एप्रोच पथ - केशरी* ( *एप्रोच पथ की गुणवत्ता के साथ-साथ डॉल्फिन की सुरक्षा, कटाव एवं बाढ़ का बढ़ा खतरा* ) राष्ट्रीय परियोजना में शामिल रेल सह सड़क पुल एप्रोच पथ के निर्माण में फ्लाई ऐश के बदले गंगा नदी का सैंकड़ों ट्रक प्रतिबंधित बालू का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है जिससे एप्रोच पथ की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह उत्पन्न हो गया है। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने अपने आवासीय कार्यालय में सम्वाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा। श्री केशरी ने एस.पी. सिंगला कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पर खनन विभाग एवं वन विभाग की मिलीभगत से करोड़ों रुपए के प्रतिबंधित सफेद बालू घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय वन्य जीव संरक्षण नीति, 2009 के तहत मुंगेर को गैंगेटिक डॉल्फिन क्षेत्र घोषित किया गया है जिसके तहत गंगा में किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि संज्ञेय अपराध है तो राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने भी गंगा नदी के बालू उत्खनन को प्रतिबंधित घोषित कर रखा है। लेकिन इसके बावजूद अब तक कम से कम पांच सौ ट्रक गंगा नदी के बालू का एप्रोच पथ के लिए उत्खनन किया जा चुका है और यह सिलसिला लगातार जारी है। एनसीपी नेता संजय केशरी ने कहा कि सिंगला कम्पनी को यह बताना होगा कि थर्मल पावर के फ्लाई ऐश के बदले गंगा नदी के प्रतिबंधित सफेद बालू का उपयोग कैसे और किसके आदेश पर किया जा रहा है तथा कंपनी ने कितनी मात्रा में और कहां से फ्लाई ऐश मंगाया। उन्होंने कहा कि सिंगला कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर, जिला खनन पदाधिकारी और वन विभाग के इस कुकृत्य से जहां संरक्षित डॉल्फिन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है वहीं कटाव एवं बाढ़ की विभीषिका का खतरा भी बढ़ गया है। श्री केशरी ने ऐलान किया कि इसको लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरने जा रही है। संवाददाता सम्मेलन में वरीय नेता अजय प्रसाद सिंह, प्रदेश महासचिव राजीव शर्मा, रामविनय कुमार, शंकर यादव एवं ललन बिंद आदि मौजूद थे।