मुंगेर 5 अप्रैल घर के पुरुष भी सुनिश्चित करें अपनी सहभागिता : घर-घर सुपोषण की अलख जगाने की दिशा में आईसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ कई अन्य सहयोगी संस्था भी निरंतर कार्य कर रही है। लेकिन सरकारी प्रयासों के इतर इसको लेकर सामुदायिक जागरूकता एवं सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर माताओं की सक्रियता अधिक है। अभी भी पुरुष अपने बच्चे के पोषण को लेकर गंभीर नहीं है। गर्भवती महिला का स्वास्थ्य एवं पोषण, बच्चों का स्तनपान एवं संपूरक आहार जैसे बुनियादी फैसलों में पुरुषों की सहभागिता होने से कुपोषण के दंश से बच्चों को बचाया जा सकता है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।