*सुनियोजित साज़िश के तहत पंचायतीराज को आफिसर राज में बदल रही है नीतीश सरकार - संजय केशरी* ईवीएम की अनुपलब्धता के बावजूद नीतीश सरकार जान-बूझकर बैलेट की बजाय ईवीएम से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने की ज़िद कर रही है ताकि समय पर पंचायत चुनाव नहीं होने से पंचायतों में आफिसर राज लाया जा सके। एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए नीतीश सरकार को आगाह किया कि पंचायतों में लोकतंत्र समाप्त करके आग से खेलने की कोशिश कर रहे हैं जिसका खामियाजा उन्हें उठाना पड़ेगा। एनसीपी नेता संजय केशरी ने कहा कि 15 जून से पहले हर हाल में पंचायती जनप्रतिनिधियों का नया निर्वाचन हो जाना चाहिए लेकिन नीतीश सरकार की ईवीएम से चुनाव कराने की ज़िद के कारण ऐसा होना असंभव है। इसलिए नीतीश सरकार पंचायती राज अधिनियम 2006 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने जा रही है ताकि त्रिस्तरीय पंचायती राज में लोकतंत्र समाप्त कर इन निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अधिकार बीडियो, डीडीसी एवं जिला पदाधिकारी के हाथों में दिया जा सके। श्री केशरी ने आक्रोशित शब्दों में कहा कि बिहार में पहले से ही अघोषित रूप से आफिसर राज रहने से बेलगाम हो चुके पदाधिकारियों के हवाले त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था भी कर दिए जाने से पदाधिकारी और भी निरंकुश हो जायेंगे। इसलिए नीतीश कुमार ईवीएम से चुनाव कराने की ज़िद छोड़कर अविलंब बैलेट से चुनाव कराने की अधिसूचना जारी करे।