आंगनबाड़ी केंद्रों पर औषधीय पौधों के पौधारोपण के साथ ही छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार -पोषण वानिकी कार्यक्रम के तहत पौधारोपण- 16 से 31 मॉर्च तक पोषण पखवाडा ,आंगनबाड़ी केंद्रों सहित प्रखण्ड कार्यालय और जिलास्तर पर पोषण जागरूकता से सबंधित कई कार्यक्रम आइसीडीएस डीपीओ रेखा कुमारी ने बताया कि 16 से 31 मार्च तक गृह भ्रमण के दौरान गर्भवती और धातृ महिलाओं को पोषण के पांच सूत्र ( पहले एक हज़ार दिन एनीमिया, डायरिया से बचाव, स्वच्छता, हाथों की सफाई और पौष्टिक आहार )के बारे में जागरूक किया जा जाना है। इसके साथ ही प्रत्येक लाभार्थी गर्भवती महिला और 6 वर्ष तक के बच्चों का वजन लेने के साथ ही आवश्यक परामर्श भी देना है। बताया कि 21 से 31 मार्च तक छोटे- छोटे समूह में यक्ष्मा ( टीबी) पर समुदाय आधारित जागरूकता चौपाल का आयोजन किया जाना है। इसके साथ ही 29 - 31 मार्च तक होली मिलन समारोह में पोषण के पांच सूत्र की चर्चा, सभी विद्यालयों में किशोर- किशोरियों के साथ पोषण पर चर्चा, सभी प्रखंड मुख्यालय पर बीसीएपी की बैठक, प्रखंड और जिला मुख्यालय पर पोषण परामर्श केंद्र की स्थापना, प्रखंड के पोषक क्षेत्र में ई. रिक्शा, ऑटो रिक्शा और रिक्शा के माध्यम से 16 से 31 मार्च तक पोषक संदेशों का प्रचार- प्रसार, सम्पूर्ण पोषक क्षेत्र में जिला परियोजना स्तर के पदाधिकारियों के द्वारा सघन अनुश्रवण के साथ ही जिला मुख्यालय में 20- 24 मार्च को डीसीएपी की बैठक आयोजित की जाएगी। पूरे राज्य में निदेशालय के द्वारा टीवी, रेडियो, न्यूज़ पेपर, सोशल मास मीडिया के माध्यम से विज्ञापन के जरिये प्रचार- प्रसार किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य स्तर पर 16 से 26 मार्च तक एससीएपी की बैठक और 20 - 31 मार्च तक कुपोषण रोकथाम और पोषण विविधता विषय पर राज्यस्तरीय पोषण सेमिनार का आयोजन किया जाना है।
