अस्पतालों एवं प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है ब्रेन टीबी की जांच और इलाज की सुविधा
सही समय पर बीमारी कि पहचान के लिए सही जांच और उसके बाद उपयुक्त इलाज के बाद ब्रेन टीबी जैसी बीमारी से भी निजात मिल सकती है। यह कहना है ब्रेन टीबी जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर स्वस्थ्य होने वाले मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत लोहची गांव के रहने वाले टीबी चैंपियन 32 वर्षीय लखन कुमार का। लखन कुमार ने बताया कि वो पंजाब के एक स्पोर्ट्स कम्पनी में काम करता है। सन 2018 के मई- जून के महीने में काम के दौरान उसे सिर में दर्द होना शुरू हुआ तो लगा कि यह सामान्य सिर दर्द है जो सिर दर्द की दवा लेने के बाद ठीक हो जाएगा। इसके बाद वो एक दवा दुकान हॉल से सिर दर्द की दवा लेकर खाने लगा। इसके बाद दवा खाने के कुछ दिनों तक तो सब कुछ ठीक रहा लेकिन बाद में फिर से सिर में दर्द होना शुरू हो गया। कुछ दिनों तक ऐसा ही होने पर आसपास के प्राइवेट डॉक्टर से मिलकर अपनी परेशानी बताई तो उन्होंने भी सिर दर्द का ही इलाज चला कर दवाइयां दी लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ और तबियत और भी बिगड़ने लगी| उल्टियां भी होनी शुरू हो गई। इस दौरान 20 से 25 हजार रुपये भी खर्च हो गए।
