"गिरफ्तारी के विरोध में एनसीपी का एकदिवसीय उपवास-सत्याग्रह" मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर हो रहे आमरण-अनशन स्थल पर हंगामा कर रहे सांसद समर्थकों को अब तक पुलिस ने गिरफ्तार नहीं करके साबित कर दिया कि सुशासन सम्पोषित गुंडे कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने गांधीजी की प्रतिमा के समक्ष एकदिवसीय उपवास सत्याग्रह करते हुए कहा। श्री केशरी ने कहा कि 2007 में ही मेडिकल कॉलेज की घोषणा के चौदह साल बाद जमीन का बहाना बनाना साबित करता है कि सांसद ललन सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जान-बूझकर मेडिकल कॉलेज में बाधक बने हुए हैं। श्री केशरी ने मेडिकल कॉलेज के अभाव में अब तक हुई तमाम मौतों का जिम्मेदार सांसद ललन सिंह को ठहराते हुए कहा कि इसका हिसाब उन्हें लोकसभा चुनाव में देना होगा। श्री केशरी ने घोषणा किया कि बजट सत्र में मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव नहीं आने पर संसदीय क्षेत्र के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर सांसद ललन सिंह का पुतला दहन किया जाएगा। अंतर्जातीय अंतर्धर्मीय कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज स्थापित होने पर फिर किसी मरीज को रेफर होकर बेमौत नहीं मरना पड़ेगा। बेरोजगार सेना के प्रांतीय संयोजक मनोरंजन कुमार सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने के लिए हमलोग हर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य सुनील कुमार सिंह एवं एनसीपी महिला नेत्री सोनी सिन्हा ने कहा कि मुंगेर में मेडिकल कॉलेज तो हमलोग बनवा ही लेंगे लेकिन इसमें बाधक बने ललन सिंह इस बार सांसद नहीं बन पायेंगे। उपवास सत्याग्रह कार्यक्रम में एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार शर्मा, शोभा देवी, आजाद शर्मा, धीरेन्द्र कुमार सोनी, पप्पू मंडल, ललन बिन्द, विश्वनाथ राउत एवं दयानंद यादव आदि उपस्थित थे।