धरहरा (संवाददाता):संग्रामपुर थाना अध्यक्ष सर्वजीत कुमार की कलम से महापर्व छठ को लेकर लिखी गई कुछ पंक्तियाँ। कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होकर सप्तमी तक 4 दिनों में लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा संपन्न होती है। इस पर्व में हर एक व्यक्ति अपने आप को अनुशासित रखता है।हर व्यक्ति इस बात का ख्याल रखते हैं कि पूजा के दौरान किसी भी तरह का कोई त्रुटि ना हो।अपने घर-परिवार एवं आसपास कि स्वच्छता का पूरा ख्याल रखते है। हर आदमी अपने आचरण से शुद्ध होते हैं उनके व्यवहार से किसी को किसी भी तरह का कष्ट न पहुंचे इसका भी ख्याल रखते हैं। यह पर्व सामाजिक सद्भाव की भी अनूठी मिसाल पेश करता है।इस पर्व में समाज के हर वर्ग जाति की एक अपनी सहभागीता होती है। ऊंच-नीच जात-पात का कोई ख्याल नहीं होता कोई भेदभाव नहीं होता है।एक ही घाट पे समाज के सभी वर्ग जाति के लोग सूर्य उपासना करते हैं। इस पर्व में किसी भी पंडित एवं पुरोहित की भी आवश्यकता नहीं होती है।भगवान एवं भक्तों के बीच में कोई माध्यम भी नहीं होता है।भक्त प्रत्यक्ष रूप से भगवान के साथ जुड़ते हैं।
