शराब,अपराध,भ्रष्टाचार रोकना नए डीएम,एसपी के लिए टेढ़ी खीर। मुंगेर। जिले में दो अफसर आए थे। जो लोगों के जुबान पर आज भी याद तरोताजा है। जिनका नाम था डीएन गौतम एवं शिवदीप लांडे। जिन्होंने मुंगेर जिला के अपराधियों को सेत दिया था तथा इन दोनों के नाम से अपराधियों की रूह कांपती थी। डीएन गौतम ने गोयनका मामले में राष्ट्र को कानूनी शक्ति का एहसास कराया। वहीं शिवदीप लांडे ऐसे जांबाज अफसर थे कि घटना होने के साथ ही स्थल पर पहुंच जाते थे और थाना प्रभारी बाद में आते थे। एसपी लिपि सिंह लेडी सिंघम बनना चाही लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इनके सेवाकाल में खुलेआम शराब माफिया सक्रिय रहे और भ्रष्टाचार चरम पर रहा। वही अन्य कार्यालयों में कार्य कराने के लिए सिक्के उछालने पड़ते हैं। पदाधिकारी मुंगेर में आते हैं बहुत ही शरीफ होते हैं । लेकिन यहां के आबोहवा में इस तरह जहर घुला हुआ है कि संबंधित कर्मी सारा राह दिखा देते हैं।थाना प्रभारी का तो स्थानांतरण होता है,लेकिन वसूली करने वाले कर्मियों का स्थानांतरण नहीं होता हैंं। जिससे वसूली की प्रक्रिया जारी रहती है और भ्रष्टाचार मिटते मिटते रुक जाता है। ड्राइवरों का स्थानांतरण नहीं होता है। यदि हस्तांतरण होता भी है तो एक दूसरे थाने में किया जाता हैं। जिससे सिक्के की वसूली एक दूसरे को सौंप देते हैं। इस संदर्भ में सीपीआई नेता मुरारी प्रसाद ने आरोप लगाया कि लिपि सिंह के शासन में शराब माफियाओं का मन इतना बढ़ा कि नयागांव क्षेत्र में रोड और गली कुची में लोग शराब पीने लगे थे जिससे आम ग्रामीण परेशान थे। पूर्व में रहे कई आर्म्स तस्कर भी शराब धंधे से जुड़े हुए हैं दर्जनों जनप्रतिनिधि शराब बेचने में लिप्त है। पुलिस यदि मोबाइल जांच करें तो कई वार्ड आयुक्त और नामी गामी जनप्रतिनिधि सलाखों के पीछे होंगे लेकिन सिक्के की खनक से शराब की बू भारी पड़ रही है। और जिन्हें शराब रोकने का जिम्मा दिया गया वो सिक्के खनकाने में मस्त हैं अकेले बट्टीपाड़ा में दो दर्जन युवक शराब धंधा को आत्मसात कर लिया है जिसमें दो नेता भी शामिल है। कई रेलकर्मी शराब का शौक रखते हैं। इन सबों को माफिया शराब पहुंचाते हैं और शराब माफिया जिन्हें शराब पीनी होती है। यही रेलकर्मी उन्हें शराब भी पड़ोसते हैं। बद्दीपारा शिवाला के पास, ठाकुरबारी रोड, रेलवे सिनेमा के पीछे एक डॉक्टर के समीप रेलकर्मी का पुत्र सहित अनेकों लोग खुलेआम शराब बेचते हैं और गली कुची में शराब भी पीते हैं। मजे की बात है कि वार्ड आयुक्त आलोक कुमार ने सीसीटीवी कैमरा लगाया है।अगर इसकी निगेबानी की जाए तो समय के अनुसार अनेकों माफिया नंगे हो जाएंगे। वार्ड आयुक्त ने चस्पा दिया है कि आप सीसीटीवी की निगरानी में है। यह सीसीटीवी दर्जनों युवकों को सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। पुलिस को आसपास की सीसीटीवी भी जांच करनी चाहिए गंभीर बात यह है कि थाना के बाँए बगल गली में शराब सप्लायर है तथा दुर्गा स्थान के आसपास शराब सप्लायर के अलावा अवैध लॉटरी जुए का भंडार है। डीडी तुलसी रोड के एक दुकान में रात में भी शराब चोरी छुपे बेची जाती है। अलावे मोहन चौराहा,दरियापुर, रेलवे टेंपरोरी कॉलोनी,रामपुर, दौलतपुर, छोटी दौलतपुर,वलीपुर,लक्ष्मणपुर,फरीदपुर, आशिकपुर,केशोपुर,माताडीह,लोको गेट,मोहनपुर, मसोमात तालाब रोड,स्टेशन आसपास।
