शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी स्वरुप का पूजन देवी आराधना के पर्व शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन भगवती दुर्गा की नौ शक्तियों के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन पूजन का विधान है ।मान्यता है कि महादेव को पति के रूप में पाने के लिए देवी ने कठोर तपस्या की थी ।इसलिए उनका नाम तपश्चारिणी अथवा ब्रह्मचारिणी पड़ा ।देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप पूर्ण ज्योतिर्मय एवं अत्यंत भव्य है। उनके दाएं हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल है। जगदंबा के इस स्वरूप की आराधना से तप ,त्याग ,सदाचार, संयम और वैराग में वृद्धि के साथ विजय प्राप्ति होती है ।देवी का यह स्वरूप लक्ष्य प्राप्ति के लिए सतत प्रयासरत रहने की संदेश देता है।
