भगवान राम के नाम पर पड़ा पुरुषोत्तम मास धार्मिक मान्यता है कि अधिक मास के अधिपति स्वामी भगवान विष्णु हैं और पुरुषोत्तम भगवान विष्णु का ही एक नाम है ।इसलिए अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। मलमास के समय मांगलिक कार्यों जैसे कि विवाह ,मुंडन ,उपनयन, संस्कार ,गृह प्रवेश आदि की मनाही होती है ।शुभ कार्य मलमास के समय में वर्जित होते हैं ।हालांकि खरीदारी आदि की मनाही नहीं होती है ।मलमास का महीना अशुभ माना जाता है ।इस महीने में हर तरह के शुभ कार्य करने पर रोक होती है ।इसे पुरुषोत्तम मास या अधिक मास भी कहा जाता है।