- अस्पताल में प्रसव कराने से माता व शिशु को मिलती हैं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ - कोरोना काल में अस्पतालों के प्रसव कक्ष में उपलब्ध है जरूरी सुविधाएं - सदर अस्पताल में उपलब्ध है एसएनसीयू वार्ड - प्रसव पूर्व सभी जरूरतों का रखें ध्यान, करें आवश्यक तैयारी पूर्णियाँ : 9 सिंतबर कोरोना संक्रमण के चलते लोगों को सरकार द्वारा घरों में रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. पर ऐसे समय में अगर कोई महिला गर्भवती है तो उनके प्रसव के लिए परिवार को सबसे पहले अस्पताल ही पहुंचना चाहिए. अस्पतालों में प्रशिक्षित एएनएम की निगरानी में अगर शिशु का जन्म होता है तो उससे माँ और बच्चे के स्वास्थ्य के सुरक्षित होने की पूरी सम्भावना होती है. कोरोना संक्रमण को लेकर न सिर्फ बाजारों और चौक-चौराहे पर बल्कि अस्पतालों में लोगों के बचाव के लिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है. इसलिए अपने नवजात शिशु के जन्म अस्पताल में ही करवाएं. संस्थागत प्रसव के होने से न सिर्फ आपके शिशु व उनके माता की स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगी साथ साथ इससे मातृ व शिशु मृत्यु दर की संख्या को भी कम किया जा सकता है. ऑडियो पर क्लिक करें सुने विस्तृत रिपोर्ट।
