• ‘अपनी क्यारी, अपनी थाली’ होगा पोषण वाटिका का मूल मंत्र • पोषण वाटिका पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिला प्रशिक्षण • 19 अगस्त तक चलेगा वेबिनार • बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर देगा पोषण वाटिका पर तकनीकी सहयोग पटना/ 17, अगस्त: बिहार में कुपोषण की समस्या अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है. वर्तमान में कोरोना संक्रमण के कारण आंगनबाड़ी केन्द्रों को बंद किए जाने के कारण पोषण सेवाएं भी बाधित हुयी है. इस लिहाज से भी सामुदायिक पोषण को सुनिश्चित करना अत्यंत जरुरी हो गया है. इस कड़ी में पोषण वाटिका का विषय महत्वपूर्ण एवं प्रसांगिक भी है. यद्यपि, पोषण वाटिका की सोच पहले भी रही है. लेकिन बिहार के परिदृश्य में इसे अभी तक अधिक सफलता नहीं मिली है. उक्त बातें अतुल प्रसाद, अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग ने कृषि पोषण पर राज्य स्तरीय तीन दिवसीय वेबिनार सह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सोमवार को आयोजित पोषण वाटिका पर प्रशिक्षण के दौरान कही. ऑडियो पर क्लिक कर सुनें विस्तृत खबर। श्रोताओं 8800984861पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद
