केन्द्र सरकार का मजदूर विरोधी अध्यादेश हमें स्वीकार नहीं- एआईयूटीयूसी। सप्ताहिक राष्ट्र व्यापी विरोध दिवस मनाया। गंगा रजक की रिपोर्ट। मुंगेर । केंद्रीय श्रमिक संगठन ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) के आह्वान पर साप्ताहिक राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाया। और सार्वजनिक उपक्रम बचाओ एवं सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ गुरुवार को जमकर विरोध प्रदर्शन जिले के नौवागढ़ी,मुंगेर, खड़गपुर, जमालपुर किया। जमालपुर में नेतृत्व राज्य अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने किया। मौके पर प्रमोद कुमार ने बताया की आज जमालपुर एवं मुंगेर जिला सहित संपूर्ण भारतवर्ष में निजीकरण के अध्यादेश के प्रतीक को जलाया गया। उन्होंने कहा कोरोना काल में पूजीपतियों को लाभ पहुंचाने हेतु सरकार धड़ल्ले से सरकारी उपक्रमों को निजीकरण और निगमीकरण करते जा रही है। यह सब देश भक्ति और आत्मनिर्भर भारत बनाने के नाम पर किया जा रहा है। भारतीय रेल,जीवन बीमा निगम, बीएसएनएल, बैंक, कोल इंडिया,डिफेंस के क्षेत्र,स्पेस साइंस, एटॉमिक एनर्जी , इंश्योरेंस जैसे तमाम सर्वजनिक क्षेत्र के इकाइयों को निजीकरण/निगमीकरण करने की प्रक्रिया में तेजी से बढ़ रही है। आगे कहा सरकार यह बात जानती है की लॉकडाउन और कोरोना महामारी के कारण देश के तमाम मजदूर और ट्रेड यूनियन सड़क पर विरोध अभी पूरी ताकत से नहीं कर पाएगी इसी के साथ सरकार कोरोना काल में ही सारा अध्यादेश पारित करने को आतुर हैं। तथा श्रम कानूनों को इन 3-3 सालों के लिए निलंबित की साजिश रच रही हैं। इस तरह सरकार मजदूर विरोधी, जनविरोधी और राष्ट्र विरोधी भी कदम सरकारें उठा रही है।उन्होंने कहा देश के मेहनतकश मजदूरों का हक और अधिकार श्रम कानूनों में संशोधन कर छीनने का षडयंत्र रचा जा रहा हैं। जिससे देश में भयंकर बेरोजगारी बढ़ेगी। मजदूरों का शोषण होगा। इसलिए सरकार के मजदूर विरोधी अध्यादेश के खिलाफ सड़क पर कूदना होगा। इस अवसर पर कामरेड प्रमोद कुमार, सखीचंद मंडल, मनोज शाह,रतन ,विकास कुमार, प्रणव रंजीत संजीव, कैलाश, राजू सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
