• स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने का किया जा रहा प्रयास • किचन गार्डन एवं रूफ-टॉप वेजिटेशन को बढ़ावा देने की पहल • सब्जियों और फलों के बीज का किया जा रहा वितरण बेहतर पोषण हमेशा से चुनौती रहा है जिसके विरुद्ध समाज और सरकार दोनों प्रयासरत रहा हैं. पोषण एक दिन की बात नहीं यह दैनिक व्यव्हार है. विषम परिस्थितियों में और हासिये पर जीने वाले समुदाय ने समाज को बेहतरी के कई रस्ते दिखाए हैं. ऐसी ही कहानी है जिले के केवला पंचायत के अंतर्गत बाघरबिल गाँव की 37 वर्षीय रेखिया देवी रोजाना पोषण युक्त हरी सब्जियों का सेवन कर रही है. रेखिया देवी के पति योगेन्द्र ऋषि एक दिहाड़ी मजदूर हैं. बाकी दिहाड़ी मजदूरों की तरह वह महंगी सब्जियों को नहीं खरीद सकते हैं. लेकिन अब वे घर पर ही सब्जियां उगा रहे हैं, जिससे उन्हें हरी सब्जियों के लिए बाजार नहीं जाना पड़ता है. इन हरी सब्जियों के सेवन के कारण रेखिया देवी कुपोषण से सुपोषण की तरफ भी बढ़ रही है. पहले जहाँ इन्हें हरी सब्जियां रोजाना खाने को उपलब्ध नहीं होता था, अब अतिरिक्त उगायी गयी सब्जियों को वे पड़ोस में वितरित भी करते हैं. ऑडियो पर क्लिक कर सुनें विस्तृत खबर। श्रोताओं 9278701369 पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद