264 करोड़ सत्तर घाट महासेतु ध्वस्त।29 दिन भी नहीं चली एप्रोच रोड । 29 दिन का रोड बना हास्यपद। गंगा रजक की रिपोर्ट। गोपालगंज में पुल ध्वस्त होने के बाद राज्य में राजनीति चरम पर है। सत्तर घाट पुल एप्रोच रोड ध्वस्त होने से राजद ने राज्य सरकार पर जमकर बरसे और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है तथा प्रतिपक्ष एवं पक्ष के नेता दोनों ही नीतीश सरकार पर हावी हो गई है। तेजस्वी ने एप्रोच पथ ध्वस्त होने पर नीतीश पर बरसे और इस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इधर चिराग पासवान ने अति शीघ्र दोषियों पर करवाई करें ऐसी घटना जीरो टॉलरेंस पर सवाल उठाता है। पक्ष के चिराग को सवाल उठाने पर अब मामला गरमा गया है। बीजेपी प्रवक्ता अखिलेश कुमार ने कहा कि इस पर कार्रवाई होगी तथा राजद के शासन में भ्रष्टाचार अपराध चरम पर था, करवाई नगण्य थी। 296 घंटे में बहा 264 करोड़ का एप्रोच पथ जिससे 5 जिलों का संपर्क टूट गया है। इधर राजनीति ऐसी गरमाई की सुशासन की पोल खुल गई और सुशासन की एप्रोच पथ ध्वस्त होने से 9 दिनों में 264 करोड़ बड़ी रकम पानी में बह गया। यह कहाँँ तक सत्य है कि राज्य सरकार उल्टे राजद पर दोष मढ़ रही है इधर अब सवाल उठता है कि क्या हमाम में जितने नंगे राजद थे उतने ही ही नंगे जदयू भी है? क्या यह नीतीश सरकार को पता नहीं है कि यहां हर वर्ष बाढ़ आता है और लाखों लोग बेघर होते हैं तो फिर यहां पर सुशासन के इंजीनियर ने क्या स्टीमेट बनाया था कि बाढ़ में रोड बह जाये। एप्रोच पथ टूटा कैसे ? जानकारी के अनुसार बोल्डर पीच नहीं बनाया गया था। 14 जुलाई को कटाव शुरू हो गया था वशिष्ठता कंस्ट्रक्शन कंपनी पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब एक ओर सवाल यह भी आ रहा है कि चिराग ने क्यों सवाल उठाए।
