दुनिया के मजदूरों एक हो के उद्घोष साथ मना। रेल नगर जमालपुर में मई दिवस। मुंगेर । वैश्विक कोरोना महामारी के बीच रेल नगर जमालपुर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस एआईयूटीयूसी के राज्य अध्यक्ष कामरेड प्रमोद कुमार के आवास पर शरारिक दूरी व मास्क धारण कर मजदूर संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एआईयूटीयूसी राज्य अध्यक्ष कामरेड प्रमोद कुमार द्वारा झंडोत्तोलन व शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। मौके पर एटक ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन कारखाना शाखा एवं ओपेन लाइन शाखा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित किया। मेंस यूनियन (का) के उपाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज विश्वव्यापी कोरोना महामारी के दौर में पुनः एक बार सभी केंद्रीय व राज्य कर्मचारी मजदूरों ने कोरोना योद्धा के रूप में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। वे काबिले तारीफ है। परंतु प्राइवेट सेक्टर के अधिकांश नियोजको ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को निसहाय मरणासन्न अवस्था में छोड़कर अमानवीय कृत का परिचय दिया। इसलिए भारत सरकार को सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को निजीकरण करने की नीति अविलंब वापस लेनी चाहिए। वहीं ईआरएमयू (का) युवा संगठन के सचिव कामरेड गोपाल जी एवं अध्यक्ष कॉमरेड रंजीत कुमार सिंह AIUTUC के वरिष्ठ साथी कॉमरेड सखीचंद मंडल एवं संजीव कुमार ने भी संबोधित किया। सभा को सफल बनाने में कॉमरेड धीरज कुमार की भूमिका सराहनीय रहा। अंत में AIUTUC के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड प्रमोद कुमार ने अपने भाषण में कहा कि मई दिवस ने दुनिया के मजदूरों को काम के घंटे 8 का अधिकार काफी संघर्ष और बलिदान के बाद उपलब्ध कराया परंतु कोरोना जैसे विश्वव्यापी महामारी के आर में हमारी केंद्रीय सरकार उन अधिकारों को साम्राज्यवादी व पूंजीपतियों के स्वार्थ सिद्धि हेतु फासीवादी कदम उठाते हुए पुनः मजदूरों के काम के घंटे आठ के बदले 12 घंटे काम करने की कानूनी मान्यता देने जा रही है। ऐसे तमाम मजदूर व जनविरोधी काले कानूनों के खिलाफ संयुक्त आंदोलन पर बल देते हुए देश के तमाम केंद्रीय श्रम संगठनों, संगठित व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों व कर्मचारियों से राष्ट्रव्यापी संयुक्त आंदोलन निर्मित करने का आवाहन किया। उन्होंने सरकार से मांग किया की कोरोना के दौर में प्रवासी मजदूरों सहित असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के जीविका की रक्षा करते हुए उनके रोजगार को सुरक्षित किया जाए। अंत में सरकारी क्षेत्र का निजीकरण करना बंद करो एवं देश के अन्य सभी संस्थानों प्रतिष्ठानों का सरकारीकरण करो, देश के तमाम प्रशिक्षित युवा बेरोजगारों को सरकारी नौकरी में बहाल करो, समान कार्य के लिए समान वेतन देने की गारंटी करो के नारे के साथ उन्होंने अपना वक्तव्य समाप्त किया।
