- रविवार से शुरू हो चुका है पोषण पखवाड़ा -पोषण के लिए जागरूकता सबसे अहम मुजफ्फरपुर। 8 मार्च पोषण अभियान अंतर्गत 8 मार्च से 22 मार्च 2020 तक "पोषण पखवाड़ा" का शुभारंभ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को समाहरणालय स्थित सभागार मे किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय सांसद वैशाली, वीणा देवी विशिष्ट अतिथि माननीय विधायक बोचहां बेबी कुमारी एवं जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर डॉ० सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि माननीय सांसद वीणा देवी ने अपने संबोधन में कहा कि पोषण अभियान सरकार का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है ।इस कार्यक्रम के तहत लोगों को कुपोषण के प्रति जागरूक करना है। बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल, भोजन, लड़कियों की शिक्षा सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर जन -जागरूकता को अंजाम देना है ।उन्होंने कहा कि पोषण पखवाड़ा में सभी विभाग परस्पर समन्वय के साथ एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य करें। वही कार्यक्रम में उपस्थित बोचहां विधायक ने कहा कि कुपोषण को दूर करने के लिए जमीनी स्तर पर समर्पण के साथ कार्य करने की जरूरत है ।उन्होंने कहा की सभी मिलजुल कर पोषण को लेकर अलख जगाएं एवं कुपोषण को दूर भगाएं ।कार्यक्रम में उपस्थित जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि पोषण पखवाड़ा एक कार्यक्रम न होकर एक जन -आंदोलन है। इस कार्यक्रम की सफलता में जहां जन- जन का सहयोग आवश्यक है ,वहीं पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूल प्रबंधन समितियां ,सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों तथा तमाम सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की समावेशी भागीदारी भी अपेक्षित है । उन्होंने कहा कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के मद्देनजर सरकार ने महत्वाकांक्षी अभियान चलाया है। कुपोषण के कमी में जागरूकता भी कुपोषण के विभिन्न कारणों में एक जागरूकता की कमी भी है जिसके कारण बाल विवाह होते हैं। कहा कि आइए हम सब मिलकर बाल विवाह जैसी कुरीति के विरुद्ध जंग छेड़े ।जिलाधिकारी ने स्पष्ठ कहा कि सभी विभाग परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करें ।वहीं डीपीओ आईसीडीएस ने कहा कि होली के त्यौहार के साथ ही इस माह पोषण पखवाड़ा भी मनाया जाएगा। पखवाड़े के तहत किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ।उन्होंने बताया कि इस बार पखवाड़े का थीम" हर काम देश का नाम है "साथ ही पोषण अभियान में इस बार पुरुषों की सहभागिता पर भी बल दिया गया है। मालूम हो कि पोषण अभियान का शुभारंभ वर्ष 2018 में राजस्थान के झुंनझुनू जिले से 8 मार्च को माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा किया गया था ।पोषण अभियान के तहत वर्ष 2022 तक कुपोषण की दर में 6% एनीमिया में 9% कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आज के कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा तकनीकी सत्र की शुरुआत पोषण अभियान के विभिन्न आयामों के बारे में विस्तार से जानकारी देकर की गई ।पोषण के पंचसूत्र में डायरिया प्रबंधन डॉक्टर सीके दास ,एनीमिया की रोकथाम सीडीपीओ सरैया भावना कुमारी प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के बारे में राहुल कुमार तथा जिला समन्वयक द्वारा जन्म के 1000 दिन पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन सीडीपीओ मुशहरी ,ग्रामीण मंजू सिंह ने किया वहीं धन्यवाद ज्ञापन डीपीओ ललिता कुमारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एएनएम ,सेविका सहायिका ,महिला पर्यवेक्षिकाये ,सभी सीडीपीओ एवं सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।