• 8 मार्च से 22 मार्च तक आयोजित होगा पोषण पखवाड़ा • पुरुषों की सहभागिता पर दिया जाएगा विशेष बल • पोषण व्यवहार में सुधार के लिए सभी विभाग देंगे योगदान खबर है पटना से: ढ़ोलक की थाप और सोहर के गीत होली आगमन के संकेत दे गए. गर्भवती महिलाओं के माथे पर लाल चुनरी एवं लाल टीका उनके आने वाले जीवन को सुरक्षित रखने की साक्षी बनती भी दीखी. कुछ ऐसे ही माहौल के बीच शनिवार को फुलवारी के मध्य विद्यालय में गर्भवती महिलाओं की विशेष गोदभराई दिवस का आयोजन किया गया. इस विशेष आयोजन में भाग लेने के लिए पतियों को भी आमंत्रण दिए गए थे. जिससे गर्भवती महिलाओं के साथ उनके पति भी इस आयोजन में शामिल हुए. कार्यक्रम का उद्घाटन नाजिमे इमारत शरिया के मौलाना शोहैल नदवी ने किया. इस अवसर पर मौलाना शोहैल नदवी ने कहा गोदभराई और अन्नप्रासन, दोनों कार्यक्रम पोषण के महत्त्व को उजागर करते हैं और उपरवाला भी वैसे लोगों को आशीर्वाद देता है जो महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर सजग रहते हैं और इसमें अपना सहयोग प्रदान करते हैं. उन्होंने समेकित बाल विकास विभाग को इस आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया. महिलाओं की हुयी गोदभराई, 6 महीने के शिशुओं का हुआ अन्नप्रासन : विशेष गोदभराई दिवस के आयोजन में बढ़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने हिस्सा लिया. जिसमें महिलाओं को कई पोषक आहार प्रदान कर उनकी गोदभराई की रस्म अदा की गयी. साथ ही आयोजन में शामिल उनके पतियों को भी पोषण की महत्ता एवं विविधतापूर्ण आहार की जरूरत के बारे में जानकारी दी गयी. 6 महीने के शिशुओं का अन्नप्रासन भी किया गया. अनुपूरक आहार के महत्त्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी और माताओं तथा शामिल पुरुषों को स्तनपान के साथ जरुरी उपरी आहार की जरुरत पर जागरूक किया गया. 8 मार्च से पोषण पखवाड़े की शुरुआत: आईसीडीएस के सहायक निदेशक श्वेता सहाय ने बताया कि आज के विशेष गोदभराई व अन्नप्रासन आयोजन से समाज को एक सकारात्मक सन्देश जाएगा. परिवार के सुपोषण के लिए महिलाओं के साथ पुरुषों की भी भागीदारी जरुरी है. किन खाद्य पदार्थों का सेवन से बेहतर पोषण प्राप्त हो सकता है. इसके विषय में पुरुषों को भी जागरूक होना चाहिए ताकि अपने परिवार को कुपोषण से सुरक्षित रखने में वे अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें. उन्होंने बताया कि 8 मार्च से 15 मार्च तक राज्य भर में पोषण पखवाडा का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान समुदाय स्तर पर कई पोषण जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन भी होगा. विभिन्न विभागों की होगी सहभागिता: पोषण पखवाड़े को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभाग मिलकर सहयोग करेंगे. जिसमें समाज कल्याण विभाग के साथ स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पीएचइडी एवं खाद्य सुरक्षा विभाग शामिल होंगे. इन विभागों के अलावा केयर इंडिया, अलाइव एंड थराइव,पीसीआई, ग्रामवानी एवं सेंटर फॉर कैटअलिज़िंग चेंज आदि का भी सहयोग लिया जायेगा. 8 मार्च को जिला स्तरीय पोषण सेमिनार का आयोजन किया जाएगा. जिसके दौरान पखवाड़े में होने वाले गतिविधियों एवं विशेषकर 6 माह से 2 वर्ष तक के बच्चों को घर में पका खाना खिलाने, भोजन में विविधिता सहित पोषण के महत्व पर विस्तार से चर्चा होगी. इन प्रमुख गतिविधियों का होगा आयोजन: • पोषण मेला • विशेष अन्नप्रासन दिवस • जिला स्तरीय पोषण सेमिनार • जिला स्तरीय अभिसरण बैठक • पोषण रैली/ प्रभात फेरी • होली मिलन सह गृह भ्रमण • ऊपरी आहार अभ्यास दिवस • हैण्ड वाशिंग ( साबुन से हाथ धुलने का अभ्यास) • माता समूह सह किसान बैठक • प्रखंड/ पंचायत स्तरीय स्वच्छता गतिविधि