बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि दहेज प्रथा एक सामाजिक अभिशाप है।उपभोक्तावादी युग शुरू हो चुके है लेकिन इसके बावजूद भी वह तेजी से बढ़ रहा है.दहेज़ प्रथा जीवन के मकसद को छोटा करते नज़र आ रही है.यह प्रथा पूरी तरह विकृत शोध पर आधारित है।इनका कहना है कि दहेज़ के कारण बहुओं को जलाना और बहुओं को मानसिक प्रताड़ना देने वाली खबरें आम हो गई है।यही वजह है कि बेटियां बोझ समझी जा रही है।इनका कहना है कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे दहेज़ प्रथा के खिलाफ अभियान से समाज पर कुछ सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।