मातारानी से अष्टमी पर्व पर हवन यज्ञ कर महामारी से विश्व को मुक्त कराने हेतु आव्हान किया गया। अमरवाड़ा के मातेश्वरीय जगतदेव मंदिर सहित बिभिन्न स्थानों पर सुरक्षा के साथ किया गया हवन।