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बिहार के जिला मधुबनी,प्रखंड खुटौना से चंदेश्वर राम चंदू जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि अनुमंडल क्षेत्र के बिजली बिल एवं बिजली आपूर्ति के बारे में जीतनी चर्चा की जाये कम है।सरकार बार-बार बिजली की समस्या पर घोषणा और विज्ञापन देने में देरी नहीं करती है।परन्तु बिजली बिल की समस्या उपभोक्ताओं के समस्त परिवार को झकझोर देती है।बिजली बिल की कोई सीमा नहीं है।ज्यादा बिजली बिल आने की समस्या पर विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है।बिजली विभाग में मनमानी अफसर शाही हावी है।दूसरी ओर बिजली की आपूर्ति दयनीय है। क्यूंकि कहीं पोलिन नहीं है कहीं मीटर,वायरिंग और ट्रांसफार्मर नहीं है लोग बाँस-बल्ला के सहारे बिजली जला रहे है।कई पंचायतों में तो यह सुविधा भी नहीं है।गाँव देहातो में जो कार्य करते है वो बीस हजार से पचास हजार रूपया विद्युत् अनुमंडल पदाधिकारी को देकर क्षेत्रों में मनमाना ढंग से कार्य करते है।जैसे पोलिन,वायरिंग,मीटर,ट्रांसफार्मर की फ़ीस उपभोक्ताओं से लिया जाता है। और जिस गाँव के उपभक्ता रूपया नहीं देते है गाँव में बिजली अभी भी नहीं है। सरकार को मीटर के हिसाब या फिक्स डिपॉजिट के माध्यम से बिजली बिल लिया जाये।ताकि उपभोक्ताओं को कोई परेशानी ना हो। और इससे सरकार के ऊपर आम जनता का विश्वास कायम रहे।

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बिहार के जिला मधुबनी,से रामानंद सिंह जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि मधुबनी जिले के विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिल पा रहा है या जिनको बिल मिलता था अभी नहीं मिल पा रहा है, इसके अलावा कोई और समस्या हो तो उसके लिए मधुबनी जिला विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने एक अलग काउन्टर स्थापित किया है।जहाँ सभी समस्याओं का हल निकाला जायेगा।किन्तु कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने यह नहीं बताया कि 24 घंटे में आठ से दस बार लोड सेडिग क्यों की जाती है।जो उपभोक्ता समय पर अपना बिजली बिल का भुकतान किया करते है उनको परेशान क्यों किया जाता है और इसके पीछे क्या कारण है।ऐसी स्थिति खासकर गर्मी के समय रात में लाईट काट दिया जाता है और फिर घंटो बाद लाईट दी जाती है।

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