-अनुबंध वार्ता विफल होने के बाद 2,400 से अधिक खनिकों ने हड़ताल की -वॉरियर मेट में कोयला कर्मचारियों की हड़ताल को 2 महीने पूरे हुए

नमस्कार आदाब श्रोताओ,हमारी एक श्रोता ज्योति जी ,जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड से बता रही है कि सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा दे। छोटे-छोटे उपकरणों से लेकर टीवी, फ्रीज़, पंखा, वाशिंग मशीन, मोबाइल, कंप्यूटर, इंटनेट आदि उपकरण सभी बिजली पर ही निर्भर रहते है। सबसे बड़ी समस्या बिजली की है ये कब आएगी और कब जाएगी इसका कोई समय नही है और अगर बिजली आती भी है तो कम वोल्टेज से जूझना पड़ता है साथ ही बिजली बिल भी अधिक आ जाती है। ऐसे में सरकार को बिजली के रूप में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देना चाहिए ताकि देश के प्राकृतिक संसाधन रुपी कोयले का भी संरक्षण हो सके।

जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड से ज्योति कुमारी जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा दे। छोटे-छोटे उपकरणों से लेकर टीवी, फ्रीज़, पंखा, वाशिंग मशीन, मोबाइल, कंप्यूटर, इंटनेट आदि उपकरण सभी बिजली पर ही निर्भर रहते है। सबसे बड़ी समस्या बिजली की है ये कब आएगी और कब जाएगी इसका कोई समय नही है और अगर बिजली आती भी है तो कम वोल्टेज से जूझना पड़ता है साथ ही बिजली बिल भी अधिक आ जाती है। ऐसे में सरकार को बिजली के रूप में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देना चाहिए ताकि देश के प्राकृतिक संसाधन रुपी कोयले का भी संरक्षण हो सके।

प्रखंड सिकंदरा,जिला जमुई से ज्योति कुमारी जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि वर्तमान समय में बिजली लोगों की आवश्यकता बन गई है। चाहें वह घर में बल्ब, फ्रिज , वासिंग मशीन,फंखा आदि उपयोग करने की बात हो या फिर मोबाइल, कंप्यूटर आदि चार्ज करने की बात सभी के लिए लोग बिजली पर ही निर्भर रहते हैं। लेकिन विडम्बना यह हैं कि बिजली कब आती है और कब जाती है यह किसी को पता नहीं होता । अगर बिजली आ भी जाती है,तो लोगों को कम वोल्टेज की समस्या से जूझना ही पड़ता है और रही सही कसर बिजली विभाग पूरा कर देता है। दरअसल होता यह कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं को कब कितना अधिक बिल भेज दे यह कुछ कहा नहीं जा सकता है। लोगों की परेशानी तब और बढ़ जाती है जब सरकार द्वारा यह कहा जाता है कि बिजली उत्पादन हेतु कोयला उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बिजली की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार को चाहिए कि बिजली के विकल्प के रूप में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे।