ज्योति कुमारी जी जिला जमुई से बताती है कि हमें विज्ञानं को न बनने दें अभिशाप से बचाना होगा। विज्ञानं का यह युग मानव के लिए वरदान के साथ साथ अभिशाप भी है ,आवश्यकत की पूर्ति और विकास की अंधी दौड़ में हम इतना प्रदूषण फैला चुके है कि खुली हवा में जीवन दिनों दिन मुश्किल होता जा रहा है